देहरादून। विदेश में पढ़ाई और नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक युवक के परिवार से 75 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपितों ने पीड़ित और उसके बेटे को विदेश भेजने के बजाय उनके साथ
देहरादून। विदेश में पढ़ाई और नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक युवक के परिवार से 75 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपितों ने पीड़ित और उसके बेटे को विदेश भेजने के बजाय उनके साथ धोखाधड़ी की। इतना ही नहीं, राजपुर रोड पर पीड़ित को कार से उतारकर उसकी कार लेकर फरार होने का भी आरोप है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने महिला समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
धर्मपुर निवासी अरविंद कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके पड़ोस में किराये पर रहने वाला प्रदीप शर्मा जनवरी 2025 में खुद को यूपी पुलिस में कार्यरत बताता था। पड़ोसी होने के कारण दोनों के बीच बातचीत होने लगी। इसी दौरान प्रदीप को पता चला कि अरविंद का बेटा अमन पाल आईलेट्स कर रहा है और वह विदेश में पढ़ाई के साथ नौकरी करना चाहता है।
आरोप है कि प्रदीप ने अरविंद की मुलाकात अनिल भारद्वाज से कराई। अनिल ने खुद को सीबीआई कोर्ट में पेशकार बताया। इसके बाद प्रदीप और अनिल ने अरविंद की मुलाकात रवि कुमार और अनिल की पत्नी सुजाता से भी कराई।
शिकायत के अनुसार, सुजाता ने अरविंद को भरोसा दिलाया कि वह उनके बेटे को विदेश में पढ़ाई और नौकरी के लिए भेजवा सकती है। आरोपितों ने विदेश भेजने, पढ़ाई, नौकरी और दस्तावेजों समेत अन्य खर्चों की जानकारी देते हुए कुल 75 लाख रुपये का खर्च बताया।
पीड़ित के अनुसार, आरोपितों के झांसे में आकर उन्होंने अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच अलग-अलग माध्यमों से आरोपितों को करीब 75 लाख रुपये दे दिए। आरोपितों ने जनवरी 2026 में उनके बेटे को विदेश भेजने का भरोसा भी दिया।
राजपुर रोड पर कार से उतारकर कार लेकर भागने का आरोप
पीड़ित ने बताया कि जनवरी 2026 में आरोपितों ने विदेश भेजने के संबंध में बातचीत करने के लिए उन्हें बुलाया। इसके बाद वह अपने दोस्त संजय के साथ अपनी कार से प्रदीप शर्मा के घर पहुंचे। वहां से आरोपित उन्हें राजपुर रोड की ओर ले गए।
आरोप है कि राजपुर रोड पर आरोपितों ने पीड़ित और उसके साथी को कार से नीचे उतार दिया और उनकी कार लेकर फरार हो गए। इसके बाद आरोपितों ने न तो अमन को विदेश भेजा और न ही 75 लाख रुपये की रकम वापस की।
भरोसा जीतकर अनिल को बताया गया मुख्य व्यक्ति
पीड़ित के मुताबिक, आरोपितों ने पहले धीरे-धीरे उसका विश्वास जीता। शुरुआत में प्रदीप ने अनिल को अपना परिचित और दोस्त बताया। बाद में अनिल ने भी पीड़ित से बातचीत कर उसे भरोसे में लिया।
आरोप है कि विदेश भेजने की पूरी प्रक्रिया और अन्य कार्यों के लिए अनिल को मुख्य व्यक्ति बताया गया। पहले से विश्वास में आ चुके पीड़ित ने आरोपितों की बातों पर भरोसा करते हुए बड़ी रकम दे दी।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रदीप शर्मा, अनिल भारद्वाज, रवि कुमार और सुजाता के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मामले में आरोपों की जांच करने के साथ रकम के लेनदेन और आरोपितों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।





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