रक्षाबंधन से पहले महंगाई की मार, मिठाइयों के दाम बढ़े; चीनी 70 रुपये किलो तक पहुंची

रक्षाबंधन से पहले महंगाई की मार, मिठाइयों के दाम बढ़े; चीनी 70 रुपये किलो तक पहुंची

हल्द्वानी। रक्षाबंधन से पहले महंगाई ने त्योहार के स्वाद का जायका बिगाड़ दिया है। चीनी, दूध, खोया और गैस की बढ़ती कीमतों का सीधा असर मिठाई कारोबार पर पड़ा है। इसके चलते इस बार बाजार में मिठाइयों के दाम पिछले साल की तुलना में 10

हल्द्वानी। रक्षाबंधन से पहले महंगाई ने त्योहार के स्वाद का जायका बिगाड़ दिया है। चीनी, दूध, खोया और गैस की बढ़ती कीमतों का सीधा असर मिठाई कारोबार पर पड़ा है। इसके चलते इस बार बाजार में मिठाइयों के दाम पिछले साल की तुलना में 10 फीसदी से लेकर कई जगह 30 फीसदी तक बढ़ गए हैं। वहीं, चीनी के दाम बढ़ने से घरों में बनने वाले पकवानों की लागत भी बढ़ गई है।

रामपुर रोड स्थित डीके जनरल स्टोर के संचालक विनोद के अनुसार, बाजार में इस समय चीनी 65 से 70 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। कुछ समय पहले यही चीनी 45 से 50 रुपये किलो के आसपास थी। उनके मुताबिक पिछले करीब 15 दिनों में चीनी के दाम में लगभग 20 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है। सामान्य गुड़ के दाम भी 60 रुपये से बढ़कर 70 से 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं।

चीनी की कीमत बढ़ने का असर केवल मिठाइयों तक सीमित नहीं है। चाय, कॉफी, शरबत और घर में बनने वाले विभिन्न पकवान भी महंगे पड़ रहे हैं। मिठाई कारोबारियों के अनुसार बर्फी, पेड़ा, लड्डू, रबड़ी, मलाई रोल और अन्य मिठाइयों में चीनी के साथ खोया और सूखे मेवे का इस्तेमाल होता है, जिससे लागत लगातार बढ़ रही है।

बृजवासी स्वीट्स के विक्रेता मोहित ने बताया कि पेड़ा, बर्फी और सेना की कीमत करीब 420 रुपये से बढ़कर 500 रुपये प्रति किलो हो गई है। गुलाब जामुन के दाम 380 रुपये से बढ़कर करीब 600 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। वहीं जलेबी की कीमत भी 150 रुपये से बढ़कर 200 से 250 रुपये प्रति किलो हो गई है।

ग्राहकों ने घटाई चीनी की खरीद

किराना व्यापारी आदित्य के मुताबिक, कुछ समय पहले ग्राहक एक बार में पांच से छह किलो तक चीनी खरीदकर ले जाते थे, लेकिन दाम बढ़ने के बाद अब ज्यादातर ग्राहक एक से दो किलो में ही काम चला रहे हैं। महंगाई का असर रक्षाबंधन की तैयारियों पर भी दिखाई दे रहा है। कई परिवार मिठाइयों और घर पर बनने वाले पकवानों की मात्रा कम करने के साथ ही चीनी की अधिक खपत वाले व्यंजनों को सीमित कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश से आपूर्ति प्रभावित होने का दावा

गल्ला मंडी के व्यापारी गिरीश गुप्ता ने बताया कि हल्द्वानी में चीनी की बड़ी मात्रा में आपूर्ति उत्तर प्रदेश से होती है। उनके अनुसार इस बार उत्तर प्रदेश में गन्ने की पैदावार और बुआई अपेक्षाकृत कम रहने से चीनी मिलों से आवक प्रभावित हुई है। सीजन के अंतिम दौर में मिलों का स्टॉक कम होने और मांग के मुकाबले आपूर्ति घटने से बाजार में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं।

रक्षाबंधन पर मिठाइयों के बदले दाम

मिठाई पहले अब
घेवर ₹500–600 ₹700–850
बर्फी ₹350–400 ₹500–600
पेड़ा ₹300–350 ₹500–600
काजू कतली ₹900–1000 ₹1200–1400
मोतीचूर ₹280–320 ₹400–500
बाल मिठाई ₹400–450 ₹550–600
चॉकलेट ₹350–400 ₹450–500

रक्षाबंधन पर मिठाइयों की मांग बढ़ने के बावजूद बढ़ी कीमतों ने ग्राहकों का बजट बिगाड़ दिया है। कारोबारियों को भी आशंका है कि यदि चीनी और अन्य कच्चे माल के दामों में और बढ़ोतरी हुई तो आने वाले दिनों में मिठाइयों की कीमतें और बढ़ सकती हैं।

universalnewspost
ADMINISTRATOR
PROFILE

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

Latest Posts

Follow Us