संवेदनशील क्षेत्रों में 24×7 निगरानी, हाईटेक कैमरों से आपदा प्रबंधन को मिला तकनीक सहारा

संवेदनशील क्षेत्रों में 24×7 निगरानी, हाईटेक कैमरों से आपदा प्रबंधन को मिला तकनीक सहारा

आधुनिक तकनीक से आपदा प्रबंधन को मिलेगी नई मजबूती- डीएम देहरादून 12 अगस्त 2026 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन एवं जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देशन में जनपद देहरादून में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में

आधुनिक तकनीक से आपदा प्रबंधन को मिलेगी नई मजबूती- डीएम

देहरादून 12 अगस्त 2026 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन एवं जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देशन में जनपद देहरादून में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। अतिवृष्टि एवं अन्य आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जनपद के संवेदनशील आपदा क्षेत्रों तथा प्रमुख पर्यटन स्थलों पर हाई डेफिनेशन पीटीजेड (Pan & Tilt & Zoom) कैमरे स्थापित किए जा रहे हैं।

जिला प्रशासन द्वारा सहस्त्रधारा, कार्लीगाड़ एवं गुच्चूपानी सहित प्रमुख संवेदनशील एवं पर्यटन स्थलों पर इन कैमरों के माध्यम से 24×7 रियल टाइम निगरानी की व्यवस्था की गई है। कैमरों का एक्सेस जिला आपदा परिचालन केंद्र (आपदा कंट्रोल रूम) में उपलब्ध है, जहां से संबंधित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। मालदेवता में पीटीजेड कैमरे स्थापित करने का कार्य भी गतिमान है।

इन अत्याधुनिक कैमरों के माध्यम से जलस्तर में अचानक वृद्धि, असामान्य गतिविधियों अथवा किसी भी आपदा की स्थिति की तत्काल जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। इससे संभावित खतरे का समय रहते आकलन कर राहत एवं बचाव कार्य तेजी से शुरू करने में मदद मिलेगी। साथ ही, प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की गतिविधियों एवं सुरक्षा पर भी लगातार नजर रखी जा सकेगी।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि प्रारंभिक चरण में सहस्त्रधारा क्षेत्र के आपदा की दृष्टि से संवेदनशील कार्लीगाड़ में कैमरे स्थापित कर दिए गए हैं। सहस्त्रधारा, मालदेवता एवं गुच्चूपानी में पर्यटकों की अधिक आवाजाही को देखते हुए इन क्षेत्रों में भी निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए संवेदनशील क्षेत्रों की रियल टाइम मॉनिटरिंग जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।

जिला प्रशासन की इस पहल से आपदा के दौरान अर्ली अलर्ट, त्वरित सूचना एवं त्वरित राहत-बचाव कार्रवाई को मजबूती मिलेगी। साथ ही, पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी यह तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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